जिला अस्पताल बाराबंकी में ऑर्थो विशेषज्ञ ने दिखाई इंसानियत
डॉ. मनोज आर्या बने गरीब मरीज के ‘मसीहा’
रिपोर्टर रहमान अली खान
बाराबंकी।
रफ़ी अहमद किदवई मेमोरियल जिला अस्पताल, जो अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण सुर्खियों में रहता है, इस बार एक मानवीय चेहरे की वजह से चर्चा में है। अस्पताल के ऑर्थो रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज आर्या ने ज़रूरतमंद मरीज की ऐसी मदद की, जिसे सुनकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है।
कोठी थाना क्षेत्र की रहने वाली उर्मिला यादव का हाल ही में सड़क हादसे में दाहिने पैर की हड्डी टूट गई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। एक्स-रे जाँच के बाद पुष्टि हुई कि हड्डी टूटने के कारण तत्काल ऑपरेशन आवश्यक है।
उर्मिला के बेटे करण यादव और दिलीप यादव अपनी माँ की स्थिति देखकर बेहद चिंतित थे। जब वे परामर्श के लिए ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. मनोज आर्या के पास पहुँचे, तो डॉक्टर ने उन्हें बताया कि ऑपरेशन तो अस्पताल में हो जाएगा और उपलब्ध दवाएं भी यहीं मिल जाएँगी, लेकिन प्लेट और रॉड जैसे महत्वपूर्ण इम्प्लांट आयुष्मान योजना के बिना उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। ऐसे में उन्हें बाहर से खरीदना पड़ेगा।
इस पर मरीज के बेटे करण यादव ने भावुक स्वर में बताया कि वह बेहद गरीब है और पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह का ड्राइवर है, छोटी सी नौकरी में इतना बड़ा खर्च उठाना उसके वश में नहीं है। पूर्व विधायक ने भी सीएमएस जे.पी मौर्य से बात कर मदद की कोशिश की।
मरीज और परिजनों की मजबूरी सुनकर डॉ. मनोज आर्या का दिल पसीज गया। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए कहा—
“आप चिंता मत कीजिए, ऑपरेशन मैं बिल्कुल मुफ्त करूँगा। जो भी प्लेट–रॉड या अन्य जरूरत का सामान लगेगा, उसका खर्च भी मैं अपनी तरफ से करवा दूँगा।”
यह सुनते ही उर्मिला यादव की आँखों से आँसू बह निकले। परिजनों ने भावुक होकर डॉक्टर का आभार जताते हुए कहा —
“हमने सुना था कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, आज सच में देख लिया।”
डॉ. मनोज आर्या की इस इंसानियत भरी पहल की चहुँ ओर प्रशंसा हो रही है। जिला अस्पताल जैसे सरकारी केंद्र में इस तरह की संवेदनशीलता एक मिसाल बन गई है।
के पर मौजूद रहे सीएमएस डॉक्टर जेपी मौर्य. ऑर्थो सर्जन डॉ मनोज आर्या. सर्जन डॉक्टर एस.बी सिंह और तमाम लोगों की उपस्थिति रही
