लम्बे समय से शिक्षकों के बूथ लेवल ऑफिसर के रूप में काम करने से पठन पाठन पर हो रहा नकारात्मक असर: डॉ राकेश सिंह

लम्बे समय से शिक्षकों के बूथ लेवल ऑफिसर के रूप में काम करने से पठन पाठन पर हो रहा नकारात्मक असर : बी 0 एल 0 ओ 0 के कार्य से मुक्त हों शिक्षक

बाराबंकी । शिक्षकों को बी0 एल 0 ओ 0 के कार्य से मुक्त किये बिना परिषदीय विद्यालयों के पठन पाठन के माहौल को गुणवत्तापूर्ण बनाये रखना अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगातार कई माह से शिक्षक सम्पूर्ण विद्यालय स्टाफ के साथ संलग्न हैं ।शीतकालीन अवकाश के बाद सत्र परीक्षाएं प्रस्तावित हैं । विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और शीतकालीन अवकाश के बाद सत्र परीक्षाएं और निपुण आकलन का आयोजन होने से पठन-पाठन का माहौल पटरी पर कैसे लाया जाए यह शिक्षकों के सामने कठिन चुनौती है।विद्यालयों के शिक्षक ,शिक्षामित्र ,अनुदेशक और प्रधानाध्यापक भी बूथ लेवेल ऑफिसर ,पदाविहित अधिकारी और पर्यवेक्षक के पद पर गहन पुनरीक्षण अभियान में लगाए गये हैं। शीतकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों को मीटिंग और बी 0 एल 0 ओ 0 /बी 0 एल 0 ए 0/ पर्यवेक्षक ड्यूटी के नाम पर अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी पर बुलाया गया है।अवकाश के दिन कार्य पर बुलाये जाने के बदले मिलने वाले प्रतिकर अवकाश आदि की सुविधा को समाप्त कर दिये जाने की जानकारी उच्चाधिकारीगण द्वारा
संगठन प्रतिनिधियों को दी गयी है। ऐसे में शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगे होने से परिषदीय विद्यालयों की पठन पाठन प्रक्रिया बेपटरी हो रही है । उपरोक्त परिस्थितियों में शिक्षक समूह अपने मूल कार्य को संतोषजनक ढंग से न कर पाने से किंकर्तव्यविमूढ़ होकर असंतोष में है और आक्रोशित है। मूल रूप से पठन पाठन के लिए जाने जाने वाले शिक्षकों का सामजिक मूल्यांकन गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के आधार पर ही किया जाता है। उक्त जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ 0 राकेश सिंह ने बताया कि बाराबंकी जनपद के शिक्षकों , जनपदीय एवं ब्लॉक कार्यसमितियों के अनुरोध पर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ उ 0 प्र 0 के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने उ 0 प्र 0 शासन से मांग की है कि परिषदीय शिक्षकों को बी 0 एल 0 ओ 0 ,बी 0 एल 0 ए 0 तथा पर्यवेक्षक के कार्य से मुक्त किया जाए । गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए ऐसा किया जाना शिक्षा , शिक्षक एवं छात्रहित हेतु आवश्यक है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!