किसान नेता और उसके साथी पर यौन शोषण ब्लैकमेलिंग धमकी देने के गंभीर आरोप पीड़ित परिवार डर के साए में इधर-उधर भटक रहा पीड़ित ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र लगाई न्याय की गुहार
बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र से गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है लगभग चार वर्ष पहले अपने परिवार के साथ देवा आई एक युवती ने इलाके के एक चर्चित किसान नेता और इसके साथी पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है मूल रूप से झारखंड प्रांत की निवासी पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2021 में उसके पिता ने देवा कस्बे के मोहल्ला शेख में एक मकान खरीदा था यह सौदा देवा कस्बे के मोहल्ला कसाई निवासी शहंशाह पुत्र राजू के माध्यम से हुआ था आरोप के अनुसार मकान की मूल कीमत में से आठ लाख रुपये मकान मालिक के पुत्र के बैंक खाते में जमा किए गए, जबकि शेष दस लाख रुपये शहंशाह को नकद दिये गये।मकान खरीदने के बाद पीड़िता अपने माता पिता के साथ वही रहने लगी इसी दौरान शहंशाह और उसका साथी वसीम अहमद उर्फ महतो जो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का युवा जिलाध्यक्ष बताया जा रहा है मकान क्रय विक्रय के दौरान घर आना-जाना बढ़ गया। पीड़िता का कहना है कि शहंशाह ने उसे शादी का झांसा देकर शोषण किया और बाद में माता-पिता की अनुपस्थिति में उसके साथ जबरदस्ती की गई आरोप है कि दुष्कर्म के दौरान वीडियो बनाकर उसे लगातार धमकाया और ब्लैकमेल किया गया पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने अपनी कथित राजनीतिक और सामाजिक पहुंच का हवाला देते हुए उसे डराया कि अगर उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने 19 जनवरी 2026 को देवा थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की पुलिस ने मामले में शहंशाह को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन आरोपी किसान यूनियन के नेता वसीम अहमद उर्फ महतो के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने का आरोप पीड़िता ने लगाया है।जबकि पीड़िता का दावा है कि न्यायालय में दिये अपने 164 के कलमबंद बयान में उसने अपने साथ घटी पूरी घटना बताई थी और वसीम महतो का नाम भी दर्ज कराया था पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और अपने गुर्गों के साथ मिलकर उस पर समझौते का दबाव बना रहा है धमकियों के चलते वह बेहद डरी-सहमी है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है इसी कारण उसे अपना घर छोड़कर इधर-उधर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है देवा पुलिस की कार्यशैली से निराश पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की मांग की मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि यदि उसे न्याय और सुरक्षा नहीं मिली तो वह किसी भी हद तक जाने आत्महत्या तक करने को मजबूर हो सकती है अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदेश की बहन-बेटियों की इज्जत पर हाथ डालने वालों के लिए नरक का टिकट कटाने का दंभ भरने वाले मुख्यमंत्री की पुलिस इस गंभीर आरोप पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है, ताकि पीड़िता को न्याय और सुरक्षा मिल सके। रामानंद सागर
