ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगलवार पर कोटवा सड़क क्षेत्र में जगह-जगह विशाल भंडारे, भक्तों में दिखा उत्साह
**कोटवा सड़क, बाराबंकी।** ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगलवार के अवसर पर कोटवा सड़क क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा विशाल भंडारों एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
ग्राम पूरे चौरई स्थित **श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर** में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे दिन प्रसाद वितरण चलता रहा। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
इसी क्रम में **श्री नाथ जी मंदिर प्रांगण, कोटवा सड़क** में समाजसेवी **राजू जायसवाल** द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां क्षेत्रवासियों एवं राहगीरों को श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया गया। वहीं **गाजीपुर चौराहा** पर **अनिल यादव** द्वारा आयोजित भंडारे में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
ग्राम **पूरे अधुर्ज, गाजीपुर** में युवा समाजसेवी **प्रज्ज्वल साहू** द्वारा प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से **बिन्नू जायसवाल, धीरज यादव, अमूल सिंह एडवोकेट, अब्दुल्ला शेर खान, व्यापार मंडल अध्यक्ष डॉ. एम.एल. साहू, प्रज्ज्वल साहू, राजीव कुमार साहू, सोनू यादव, प्रधान प्रतिनिधि सुधाकर मिश्रा, समाजसेवी श्रीमती दयावती यादव, नारायण यादव, तेज नारायण यादव, सुरेंद्र यादव, अखिलेश चतुर्वेदी, रमेश कौशल, अरविंद निगम, कमल जायसवाल, धर्मेंद्र गुप्ता, हार्दिक जायसवाल, सूरजलाल कौशल, अभिराम सैनी, राम कैलाश कौशल, राकेश जायसवाल, दारा सिंह, शुभ जायसवाल, प्रभु पाठक, अनुपम जायसवाल, बाबा वेदांता घन जी महाराज, देवकीनंदन, सतीश कौशल, रवि कौशल, प्रदीप कौशल, दिलीप निगम, संतोष कौशल, अनूप जायसवाल, आशीष निगम** सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं ने बताया कि ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है और इस दिन किए गए भंडारे एवं सेवा कार्य को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्ति, सेवा और सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रशासनिक व्यवस्था भी शांतिपूर्ण रही और सभी कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए।
