हर अभिभावक की जिम्मेदारी है कि दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चो की तरह जीवन जीने के स्कूल जरूर भेजे

मसौली, बाराबंकी। हर अभिभावक की जिम्मेदारी है कि दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चो की तरह जीवन जीने के स्कूल जरूर भेजे क्योंकि समावेशी शिक्षा के मॉडल को मजबूत बनाने के लिए दिव्यांग बालकों को सामान्य बालकों के साथ पढ़ने से उन्हें बेहतर माहौल मिलेगा।
उक्त बातें खण्ड शिक्षा अधिकारी जैनेंद्र कुमार ने ब्लॉक संसाधन केंद्र बड़ागांव पर समेकित शिक्षा के इनवायरमेंट बिल्डिंग प्रोग्राम के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों का पैरेंटस काउंसिलिंग कार्यक्रम में व्यक्त की उन्होंने कहा कि यदि आपका बच्चा पढ़ लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर अथवा किसी भी नौकरी में जाना चहेगा तो उसके लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था है कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव के क्लास 3 के मयंक ने कविता सुनाकर तालियां बटोरी। ब्लॉक मसौली के स्पेशल एजुकेट कमलेश कुमार ने पेरेंटस काउंसलिंग में दिव्यांग बच्चों के प्रमाण पत्र की उपयोगिता ,लाभ ,स्कॉट अलाउंस, सटाइपेंड मेजरमेंट कैंप मेडिकल एसेसमेंट कैंप आदि के बारे में विस्तृत चर्चा की। स्पेशल एजुकेटर एकता सक्सेना के द्वारा बच्चों को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की सुविधाओं व दिव्यांगता के बारे में एवं सलोनी मिश्रा द्वारा दिव्यांगता के प्रकार एवं उनके निराकरण के बारे में अभिभावकों द्वारा चर्चा कर विचारों का आदान-प्रदान भी किया गया।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
इस मौके पर कार्यालय कर्मचारी जितेंद्र दीक्षित, पावेल राज,शिवानी गौतम, विनोद वर्मा, सुनील कुमार, अजय दीक्षित सहित अभिभावक भी मौजूद रहे।

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