बाराबंकी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां, मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ता है

बाराबंकी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां, मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ता है


बाराबंकी जिले का सरकारी अस्पताल, जो सबसे बड़ा अस्पताल है, में प्रतिदिन 2000-2500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या 200-300 तक पहुंचने से अस्पताल की व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। सांस और हृदय रोगों के मरीजों के लिए यह अस्पताल जीवन रक्षक साबित होता है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था में कई खामियां हैं, जो मरीजों को इलाज में रुकावट का सामना करवा रही हैं।

बीपी जांच के लिए 200 कदम की कठिन यात्रा
सांस और हृदय रोग के मरीजों को सबसे पहले बीपी और शुगर जांच करवाने के लिए कहा जाता है, लेकिन बीपी जांच करवाने के लिए उन्हें ओपीडी से 200 कदम दूर ट्रॉमा सेंटर भेजा जाता है। यह दूरी न केवल मरीजों के लिए कठिनाई पैदा करती है, बल्कि बुजुर्ग मरीजों के लिए यह यात्रा खतरनाक हो सकती है। मरीजों को पैदल यह दूरी तय करते वक्त सांस फूलने लगती है और उनका बीपी भी बढ़ जाता है, जो उनकी हालत को और बिगाड़ सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री से ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का कहना है कि मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए, लेकिन बाराबंकी जिला अस्पताल की व्यवस्था इस बात पर सवाल खड़ा करती है। अस्पताल में केवल एक बीपी नापने की मशीन है, जो 2000-2500 मरीजों के लिए अपर्याप्त है। इस मशीन का उपयोग केवल ओपीडी के मरीजों के लिए होता है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सवाल यह है कि हर डॉक्टर के पास अपनी ओपीडी में बीपी नापने की मशीन क्यों नहीं है?

ECG मशीन की कमी
इसके अलावा, हृदय रोगियों को ECG जांच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। अस्पताल में एक ही ECG मशीन है, जो ओपीडी और ट्रॉमा सेंटर के मरीजों दोनों के लिए काम करती है। इससे इमरजेंसी मरीजों को भी इंतजार करना पड़ता है, और यह सवाल उठता है कि एक ही मशीन से इतना बड़ा अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर कैसे संचालित हो सकता है?

स्वास्थ्य संकट की स्थिति
बाराबंकी जिला अस्पताल में 2000-2500 मरीजों का इलाज करने के लिए केवल दो बीपी नापने की मशीनें और एक ECG मशीन उपलब्ध हैं। इसका असर मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल पड़ रहा है। बुजुर्ग मरीजों को छोटी जांचों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जो उनकी स्थिति को और बिगाड़ सकती है।

स्वास्थ्य विभाग से अपील
स्वास्थ्य विभाग से यह अपील की जाती है कि बाराबंकी जिला अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाए। बीपी और ECG जैसी जांचों के लिए अलग-अलग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं ताकि मरीजों को इतनी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। साथ ही, ओपीडी में उपलब्ध मशीनों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, ताकि मरीजों को ट्रॉमा सेंटर और अन्य स्थानों पर दौड़ने की आवश्यकता न पड़े

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