सरकारी अस्पताल में मरीजों को समय पर मिली दवाइयाँ, अधीक्षक के हस्तक्षेप से खुला काउंटर
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। तहसील क्षेत्र के चंद्र दूरी पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट में सोमवार को निरीक्षण के दौरान अलग ही तस्वीर देखने को मिली। अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी पूरी तत्परता से मरीजों का इलाज करते दिखाई दिए। डॉक्टर रईस व डॉक्टर रमेश चंद्र ने गंभीर रोगियों को भी पूरी जिम्मेदारी से देखा और इलाज में कोई कोताही नहीं बरती।हालांकि, दोपहर 2 बजे के बाद अस्पताल का दवा काउंटर बंद हो गया। उस समय डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दवाइयाँ लिखी जा रही थीं, लेकिन दवा न मिलने से मरीज व उनके परिजन परेशान हो उठे। स्थिति की जानकारी जब अधीक्षक डॉ. अमरेश वर्मा को फोन पर दी गई, तो उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और आदेश देकर दवा काउंटर खुलवाया। इसके बाद सभी मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।
अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में सरकारी स्तर पर उपलब्ध दवाइयाँ ही मरीजों को प्राथमिकता से दी जाएं। केवल जरूरत पड़ने पर ही बाहर की दवाइयाँ लिखी जाएँ। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण मरीज बड़ी उम्मीद के साथ सरकारी अस्पताल आते हैं, ऐसे में उन्हें अनावश्यक महंगी जांच और दवाओं के बोझ से बचाया जाए। तथा जब तक चिकित्सक मरीज को देखते हैं तब तक दवा का काउंटर खुला रहना आवश्यक है, कड़ा निर्देश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर अमरेश वर्मा ने दिया है की अस्पताल के अंदर जब तक दवाइयां डॉक्टर लिखते रहें ओपीडी चलती रहे तब तक दवा का काउंटर तक खुला रहना चाहिए।
मौके पर क्षेत्रीय पत्रकार श्रीकांत तिवारी, ठाकुर पुष्पेंद्र कुमार सिंह, दिनेश तिवारी और रामनारायण मिश्र भी मौजूद रहे।
