कामिल-फाज़िल कोर्स अब विश्वविद्यालय से जुड़ेगे, यूपी सरकार का बड़ा फ़ैसला
डॉ. अम्मार रिज़वी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के कदम की सराहना की
बाराबंकी /लखनऊ (प्रेस विज्ञप्ति)उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. अम्मार रिज़वी ने राज्य सरकार द्वारा मदरसों में क़ामिल और फ़ाज़िल कोर्सेज़ को सीधे विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्य शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को हार्दिक बधाई दी।
डॉ. रिज़वी ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व और जनहितैषी कदम यह साबित करते हैं कि वे राज्य के हर वर्ग की शैक्षिक और सामाजिक प्रगति के प्रति गंभीर हैं। यह निर्णय न केवल हजारों विद्यार्थियों की डिग्रियों को सुरक्षा प्रदान करेगा बल्कि मदरसा शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा प्रवाह में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा शिक्षा के प्रचार और युवाओं को सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी है, और यह कदम उसी दृष्टिकोण का व्यावहारिक प्रमाण है। राज्य शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अथक मेहनत और समय पर प्रयासों के परिणामस्वरूप, अब मदरसा विद्यार्थी आसानी से विश्वविद्यालय से संबद्ध उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।
डॉ. रिज़वी ने आशा व्यक्त की कि राज्य के सभी मदरसे समय पर विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे ताकि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करना सरकार और समाज दोनों की साझा ज़िम्मेदारी है, और मुख्यमंत्री का यह फ़ैसला इसी दिशा में एक सुनहरा कदम है।
पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी ने इस कदम को शैक्षिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में मूलभूत बदलाव आए हैं, और उन्हें विश्वास है कि शिक्षा विभाग, जिसे वे सबसे महत्वपूर्ण विभाग मानते हैं, मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे भारत में एक विशिष्ट स्थान हासिल करेगा।
