देवा मेले में पांच वर्षोँ में झूले के टिकट टिकटों के दाम दस गुना बढ़े, मायूस हो कर लौट रहे गरीब बच्चे
बाराबंकी
देवा शरीफ।
देवा मेला में हिंडोला झूला, मौत कुआं, ब्रेक डांस आदि झूलों के टिकटों पर मनमाने ढंग से वसूले जा रहे दामो के कारण हजारों गरीब घरों के बच्चे-बड़े झूला नहीं झूल नही पाते। बच्चों के साथ-साथ मां-बाप भी मायूस होकर बच्चों को लेकर लौट जाते हैं।
देवा मेला में बीते 5 वर्षों में मनमाने ढंग से झूला टिकटों पर 10 गुना बढ़ाए गए दामों के कारण मनरेगा मजदूर, गरीब बेसहारा घरों के बच्चे अपने माता-पिता के साथ देवा मेला तो आते हैं, लेकिन उनका झूले झूलने का सपना पूरा नहीं हो पाता। कई बच्चे झूलों के सामने दूसरों को झूला झूलते देखते हैं तो परिवार से झूला झूलने की जिद करते दिखे। पिता जब खलीते में हाथ डालते हैं झूला के पैसे न होने पर बच्चों को झूला ऊंचा है, डर लगेगा आदि तमाम बहाने किस मायूसी करता है यह उनका दर्द कौन जान सकता है। देवा मेला के जानकार लोगों का कहना है आज से करीब 5-6 साल पहले झूले का टिकट 20 से 30 रुपये होता था अब वही टिकट का दाम 80 से 100 और मेला की भीड़ चलने पर 150 रुपये वसूले जा रहे हैं। झूला मालिकों का कहना है जमीन का किराया बढ़ गया है।
