श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस में भक्ति रस की अविरल धारा बही, भक्त झूमे ‘राधे-राधे’ के सुरों पर
रामसनेहीघाट, बाराबंकी।
ग्राम पंचायत सिल्हौर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस का शुभारंभ शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के वातावरण में हुआ। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुजन रामू तिवारी जी के आवास स्थित कथा स्थल पर एकत्रित होने लगे। वातावरण में हरि-नाम की गूंज, शंखनाद और मधुर भजनों की ध्वनि से सम्पूर्ण ग्राम भक्तिमय हो उठा।वृंदावन धाम से पधारे पंडित मनमोहन तिवारी जी महाराज ने पंचम दिवस की कथा का शुभारंभ श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती के साथ किया। आरती के दौरान भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की।
कथा वाचन के दौरान पंडित जी ने धर्म, भक्ति और ज्ञान के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि “भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि यह जीवन को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य सेतु है।” जब पंडित जी ने मधुर स्वर में भजन “राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी…” गाया, तो श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और पूरा पंडाल “राधे-श्याम” के जयकारों से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर समस्त ग्रामवासी भक्ति रस में सराबोर रहे। पंचम दिवस की यह संध्या सभी के हृदय में अध्यात्मिक आनंद और शांति का संचार कर गई।
