पाँचवें विश्व उर्दू-हिंदी सम्मेलन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

पाँचवें विश्व उर्दू-हिंदी सम्मेलन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

*इरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी और मौलाना आज़ाद कॉलेज, महमूदाबाद के संयुक्त सहयोग से होगा आयोजन*

लखनऊ/ पाँचवें विश्व उर्दू-हिंदी सम्मेलन की अंतिम तैयारियों के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण बैठक आज पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री और सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिज़वी की अध्यक्षता में उनके निवास ‘दारुल अमान’, अलीगंज, लखनऊ में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत अतिथियों के गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुई।
अपने संबोधन में डॉ. रिज़वी ने कहा कि सम्मेलन की पहली चार बैठकें उर्दू के वैश्विक गौरव को बढ़ाने और उसके वैचारिक व साहित्यिक क्षितिज को विस्तृत करने में ऐतिहासिक साबित हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उर्दू और हिंदी सिर्फ भाषाएँ नहीं, बल्कि भारत की साझा संस्कृति, बहुलवादी विरासत और सदियों से चली आ रही गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत प्रतीक हैं। इन भाषाओं का संवर्धन भारतीय समाज में परस्पर सम्मान, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करता है।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि सम्मेलन का उद्घाटन सम्मेलन 30 नवंबर 2025 को इरा मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में आयोजित होगा। वहीं 2 दिसंबर 2025 को लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक शैक्षिक संगोष्ठी होगी, जिसमें उर्दू भाषा और साहित्य के विकास, ऐतिहासिक योगदान और वर्तमान चुनौतियों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस अवसर पर सजीव सराफ के डिजिटाइजेशन कार्य, पं. रतननाथ सरशार की साहित्यिक धरोहर, मुनशी नवल किशोर के प्रकाशन-योगदान तथा कैफ़ी आज़मी और जाँ निसार अख्तर की रचनात्मक सेवाओं को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा।
इसी क्रम में, दिसंबर के प्रारंभिक सप्ताह में मौलाना आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यूमैनिटीज़, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, महमूदाबाद में एक सर्वभारतीय मुशायरा आयोजित किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सम्मेलन की स्मारिका (Souvenir) के संपादन की जिम्मेदारी आसिफ़ ज़माँ रिज़वी को सौंपी जाएगी, जबकि शोध-पत्रों के संकलन और प्रकाशन का दायित्व डॉ. मूसी रज़ा निभाएँगे। मुशायरे के संचालन व व्यवस्था की देखरेख डॉ. मुन्तज़िर क़ाएमी करेंगे। वहीं मीडिया और प्रसारण संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी ज़मील हसन नक़वी और अबू शहमा अंसारी को दी गई।
सम्मेलन के सुचारु और प्रभावी संचालन के लिए पाँच समितियों का गठन किया गया-
उद्घाटन समिति, शैक्षिक संगोष्ठी समिति, मुशायरा समिति, सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति और मीडिया संपर्क समिति। प्रत्येक समिति के लिए संयोजक और सदस्यों को नामित किया गया ताकि सभी व्यवस्थाएँ व्यवस्थित रूप से संपन्न की जा सकें।
बैठक में अनेक प्रमुख साहित्यिक, अकादमिक और सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख थे-
प्रो. खान मोहम्मद, डॉ. हारून रिज़वी, प्रो. खान मोहम्मद आतिफ़, प्रो. अब्बास रज़ा नैयर, डॉ. मुन्तज़िर क़ाएमी, डॉ. रेशमा परवीन, डॉ. मूसी रज़ा, मिर्ज़ा असलम बेग, मिर्ज़ा फ़ुरक़ान बेग, जामी मिर्ज़ा, अतीक अहमद अंसारी, जमी़ल हसन नक़वी, शहाबुद्दीन ख़ान, रवि प्रकाश यादव, अबू शहमा अंसारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति।
सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भाषाई और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैठक के अंत में सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिज़वी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बैठक आगामी कार्यक्रमों की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पाँचवाँ विश्व उर्दू-हिंदी सम्मेलन भारतीय भाषाओं के साहित्यिक और सांस्कृतिक गौरव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊँचाई प्रदान करेगा।

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