सुरसंन्डा में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास
रिपोर्टर रहमान अली खान
जनपद बाराबंकी के ग्राम सुरसंन्डा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। कथा के चौथे दिन की दूसरी बेला का शुभारंभ “आरती कीजे कुंज बिहारी की” के मधुर भजनों के साथ हुआ।
कार्यक्रम में जाने-माने पहलवान सौरभ दास विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं अयोध्या से पधारे महंत सरवन दास जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। ग्रामवासियों संदीप प्रजापति, यश प्रजापति, करण प्रजापति, शिवकुमार प्रजापति एवं रितेश मौर्य ने अतिथियों का पुष्प मालाओं से भव्य स्वागत किया।
इसके उपरांत महंत सरवन दास जी ने भगवान को पुष्प माला अर्पित की तथा कथा व्यास पंडित मनीष तिवारी को पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया। कथा व्यास पंडित मनीष तिवारी ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने मां और मामा के पावन संबंधों पर प्रकाश डालते हुए यह भी बताया कि अधर्म के नाश हेतु कंस वध क्यों आवश्यक था।
कथा के समापन पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर गाए गए सोहर गीतों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। चौथे दिन का कार्यक्रम श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक आनंद के साथ संपन्न हुआ।
