अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा ग्राहक जागरण गोष्ठी कार्यक्रम संपन्न
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा 15 दिसंबर से 31 जनवरी तक प्रतिवर्ष ग्राहक जागरण पखवाड़ा मनाया जाता है। 24 दिसंबर 1974 को देश में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के अथक प्रयासों से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू हुआ था। वर्ष 1974 से ग्राहक पंचायत लगातार प्रबोधन एवं ग्राहक जागरण संबंधी कार्य निरंतर करता चला रहा है ।
आज कलेक्ट्रेट बाराबंकी में आयोजित ग्राहक जागरण कार्यक्रम में बोलते हुए प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ आर पी सिंह विसेन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहक पंचायत के सतत एवं अथक प्रयासों से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, स्वर्ण आभूषणों पर हाल मार्किंग, राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा धनराशि का बीमा एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख तथा प्रॉपर्टी सेक्टर में रेरा कानून एवं हाल ही में भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेम्स पर लगाए गए प्रतिबंध आदि संभव हुए हैं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 1974 में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की स्थापना से पूर्व ग्राहकों के हितों की बात करने वाला कोई व्यापक संगठन इस देश में नहीं था ।आज जरूरत है देश के ग्राहकों को उनके अधिकारों एवं उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने की।और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला सचिव दिवाकर सिंह एडवोकेट ने कहा किसी देश की अर्थव्यवस्था के मूल में ग्राहक ही होता है ।हर व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक ग्राहक होता है,परंतु सबसे ज्यादा ग्राहक ही ठगा जाता है। इसलिए ग्राहकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने तथा एकजुट होने की नितांत आवश्यकता है ।उन्होंने बताया की बहुत सी स्थानीय समस्याओं पर भी अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत लगातार कार्य कर रहा है ।
आज की बैठक को ग्राहक पंचायत की जनपद शाखा बाराबंकी के जिला सह सचिव देवेश तिवारी तथा प्रणव पांडे ने भी संबोधित किया। आज की बैठक में मुख्य रूप से जगतपाल सिंह, अनुपम सिंह, राम अवध यादव, जितेंद्र पांडे, मोहम्मद रियाज एडवोकेट, इरशाद एडवोकेट, अरशद अहमद एडवोकेट, अरविंद तिवारी, अजय कुमार द्विवेदी, वीरू, आकाश मिश्रा, बंटी शुक्ला, प्रमोद वर्मा, बलराम यादव, शेष नारायण शुक्ला तथा ग्राम प्रधान बदोसराय एडवोकेट निसार मेहंदी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ संगठन मंत्र तथा समापन कल्याण मंत्र के साथ किया गया।
