पौने पांच लाख गबन मामले में डीएम ने जारी किया प्रधान को नोटिस

पौने पांच लाख गबन मामले में डीएम ने जारी किया प्रधान को नोटिस

प्रधान और सचिव से रिकवरी कराने की कार्रवाई शुरू


रिपोर्टर रहमान अली खान

फतेहपुर, बाराबंकी। विकासखंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत नन्दरासी में प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से विभिन्न योजनाओं का पौने पांच लाख रुपए प्रधान पुत्र के खाते में भेज कर गबन कर लिया गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई तो धांधली का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि प्रधान रामनिवास ने नाली निर्माण और अन्य विकास आर्यों का पैसा अपने और अपने पुत्र अजय कुमार के खाते में भेजकर गबन कर लिया। प्रधान द्वारा ₹4,78,343 की राशि अपने पुत्र के खाते में स्थानांतरित की गई थी, जिसकी पुष्टि जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में की। इस सम्बंध में डीपीआरओ नीतेश भोडेले ने बताया कि 26 अप्रैल 2022 के शासनादेश के अनुसार, पंचायत पदाधिकारियों के परिवार से संबंधित किसी भी फर्म या कंपनी को सरकारी सामग्री की आपूर्ति का ठेका नहीं दिया जा सकता। प्रधान रामनिवास ने इस नियम का उल्लंघन कर सरकारी धन का अनियमित स्थानांतरण किया। जिसके बाद डीएम बाराबंकी ने प्रधान को नोटिस जारी कर ज़बाब तलब किया था। मालूम हो कि नन्दरासी ग्राम पंचायत में अनियमितताओं के चलते प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सात मार्च 2025 को सीज कर दिए गए थे और ग्राम पंचायत सदस्य हरिनाम को कार्यकारी प्रधान नियुक्त कर दिया गया था। आपको बताते चलें कि पूर्व प्रधान रामनिवास पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के सहायक अभियंता को सौंपी गई थी। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत कर दी थी। रिपोर्ट प्राप्त होते ही जिला पंचायत राज अधिकारी बाराबंकी ने 8 जुलाई 2025 को जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत को पत्र जारी कर अपनी सुस्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट प्राप्त होने बाद प्रधान व सचिव दोनों को ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने पर डीएम ने प्रधान रामनिवास को वसूली की नोटिस जारी कर 15 दिन में अपना प्रत्यावेदन देने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने के संबंध में डीपीआरओ नीतेशे भोडले ने बताया कि अगर प्रधान और सचिव द्वारा समय से ज़बाब नही दिया जाता है और यदि जबाब सन्तोष जनक नही पाया जाता है तो प्रधान और सचिव पर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी और जो पैसा 478343 रूपए प्रधान द्वारा गबन किया गया है उसकी वसूली करवाकर ग्राम पंचायत के राजकोष में जमा कराया जाएगा

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