रमजान में इफ्तार का खास महत्व: सुरसंन्डा में जैनुल आबेदीन के आवास पर सैकड़ों रोजेदारों ने की अमन-चैन की दुआ
रिपोर्टर रहमान अली खान
नवाबगंज (बाराबंकी)। पवित्र रमजान माह के अवसर पर ग्राम सुरसंन्डा में जैनुल आबेदीन के आवास पर विशेष रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों रोजेदारों ने इफ्तार में शिरकत कर देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की।
रमजान के मुबारक महीने में रोजेदारों को इफ्तार कराना बेहद पुण्य का कार्य माना जाता है। यह महीना रहमत और बरकत का महीना होता है। इस दौरान लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं तथा सदका, जकात और फितरा के माध्यम से उनकी सहायता करते हैं।
कार्यक्रम के आयोजक जैनुल आबेदीन ने बताया कि वह हर वर्ष रमजान की 15 तारीख को अपने आवास पर इफ्तार का आयोजन करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और लोगों के दिलों में मोहब्बत पैदा होती है। उन्होंने कहा कि वह इंशाअल्लाह जीवन भर इस नेक कार्य को जारी रखेंगे।
इफ्तार के समय सभी रोजेदारों ने एक साथ देश में शांति, सौहार्द और विकास के लिए दुआ की। मगरिब की नमाज के बाद भी विशेष दुआ का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कारी तनवीर आलम, हाफिज अबू बकर, एडवोकेट जव्वाद अहमद, हाजी कयूम, मोहम्मद हनीफ, सिराज अहमद, रज़ी, एतबार अली, जीशान खान, पत्रकार शाहिद हुसैन, तुफैल अहमद, अशफाक सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों की उपस्थिति रही।
