“जब उम्मीदें टूटने लगती हैं, तब डॉक्टर अफसर खान बनते हैं आस की किरण”
बाराबंकी जिला अस्पताल में हो रहा है चमत्कार, विकलांग बच्चों को दे रहे नया जीवन
बाराबंकी। कभी जो बच्चे अपने पैरों पर चलने का सिर्फ सपना ही देख सकते थे, आज वे न सिर्फ चल रहे हैं बल्कि दौड़ भी रहे हैं। यह करिश्मा कर दिखाया है जिला अस्पताल बाराबंकी में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अफसर खान ने। उनके अथक प्रयास और समर्पण की बदौलत कई ऐसे बच्चों को नया जीवन मिला है जो जन्म से ही शारीरिक विकृति या पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
डॉ. अफसर खान विशेष रूप से ऐसे नवजात शिशुओं का इलाज कर रहे हैं, जिनके पैरों में जन्मजात विकृति होती है। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और सर्जरी के ज़रिये वे इन बच्चों को फिर से चलने-फिरने योग्य बना रहे हैं। डॉ. खान का कार्य सिर्फ चिकित्सा नहीं बल्कि समाज सेवा का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
परिजनों की भावुक प्रतिक्रिया:
डॉक्टर खान की मेहनत और सेवा भावना को लेकर मरीजों के परिजन भावुक होकर कहते हैं:
> “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा बेटा दौड़ पाएगा। ये सब डॉक्टर अफसर खान की बदौलत हुआ है,” – एक पिता की आंखों में छलकती ख़ुशी साफ दिखी।
“ऐसे समर्पित डॉक्टर ही समाज की सच्ची ज़रूरत हैं,” – एक अन्य परिजन ने कहा।
समाज और प्रशासन से अपील:
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि डॉक्टर अफसर खान जैसे समर्पित चिकित्सकों को सरकार और प्रशासन द्वारा बेहतर संसाधन, स्टाफ और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे और अधिक बच्चों का जीवन संवार सकें।
डॉ. अफसर खान का कार्य न सिर्फ उनके पेशे की उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि यह साबित करता है कि सही इरादे और मेहनत से किसी की ज़िंदगी को एक नई दिशा दी जा सकती है। बाराबंकी का यह सरकारी अस्पताल इन दिनों एक चमत्कारी केंद्र के रूप में लोगों की आशा का केन्द्र बन गया है — और इसकी वजह हैं डॉ. अफसर खान।
