मसौली बाराबंकी। बांसा गांव के अबू उसामा उर्फ़ सहजादे ने मदरसे से शुरूआती तालीम हासिल कर पहली बार में सहायक लोको पायलट बन कर गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मिठाई की दुकान के सहारे बच्चो को अच्छी तालीम देकर कामयाब बनाने वाले पिता बेटे की कामयाबी पर फुले नही समा रहे है।
बताते चले कि सैय्यद अब्दुर्रज्जाक शाह रह0 की दरगाह बासा शरीफ मे दरगाह के निकट मिठाई की दुकान चलाने वाले कफ़ील उर्फ़ मुन्ना के पुत्र अबू उसामा सहजादे ने कस्बे मे स्थित मदरसा रज्जाकिया, नाजिरिया मे शुरूआती तालीम हासिल करते हुए हाई स्कूल की परीक्षा पास की इसके बाद मसौली चौराहा स्थित सार्वजनिक शिक्षण संस्थान से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर करने के बाद जहाँगीराबाद इंस्टीयूट से ग्रेजुएशन कर तैयारी मे जुट गये और पहले ही प्रयास मे गौरखपुर जोन से सहायक लोको पायलट बनकर गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया ।
अबू उसामा के पिता कफ़ील उर्फ़ मुन्ना ने बताया कि मिठाई की दुकान से होने वाली आमदनी से अपने पुत्र को अच्छी शिक्षा दी, जिसकी बदौलत उसने हमारे सपनों को साकार किया है। हालांकि उसने प्राथमिक शिक्षा कस्बे के ही मदरसे में पूरी की है। सहायक लोको पायलट बने अबू उसामा का मानना है कि संघर्ष और मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती है निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलेगी। अबू उसामा ने बताया कि मेरे कामयाबी मे मेरे बड़े भाई अबू तलहा उर्फ़ राजा का बहुत योगदान रहा जिन्होंने आर्थिक तंगी के कारण स्वय इंटर के बाद पढ़ाई छोड़कर पिता के साथ दुकान संभाला और मुझे कामयाब बनाया अबू उसामा उर्फ़ सहजादे ने मौलाना अहमद अली की दुआए एव दोस्त नदीम, इक़बाल एव सुल्तान की प्रेरणा मेरी कामयाबी के स्रोत बताया।
