कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा प्रधान जयकरण वर्मा व लेखपाल पर अवैध कब्जेदार को संरक्षण देने का आरोप
बाराबंकी के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत अटवा में कब्रिस्तान की 0.170 हेक्टेयर भूमि (गाटा संख्या 370) पर अवैध कब्जे को लेकर मुस्लिम समुदाय ने नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अरविंद कुमार शर्मा ने लगभग 10 वर्षों से इस भूमि पर मकान बना रखा है।
यह मामला पहले न्यायालय तहसील दार कोर्ट पहुंचा था, जहां से जमीन खाली करने का आदेश जारी हुआ। 09/11/2024 में
विपची अरविन्द न्यायालय जिला अधिकारी कोर्ट पर वाद संख्या 3878/ 2024
13फरवरी 2025 को डीएम कोर्ट से अपील ख़ारिज हो गयी
अंतिम आदेश अपील ख़ारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में
13 फरवरी 2025 में आदेश जारी किया गयाऔर वर्तमान लेखपाल संदीप यादव को गत माह नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था।
ग्रामीणों का आप है की वर्तमान लेखपाल संदीप यादव ने विपक्षी को अभी तक नोटिस शामिल नहीं कराई है
ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि लेखपाल संदीप यादव ने इस मामले में ढिलाई बरती है और कब्जेदार को नोटिस भी तामील नहीं करा सके। उनका कहना है कि लेखपाल अरविंद शर्मा से मिले हुए हैं और अवैध कब्जा हटाने में विफल रहे हैं। न्यायालय ने 15 दिनों के भीतर स्वयं कब्जा हटाने या टीम गठित कर हटवाने का आदेश दिया था, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान जयकरण वर्मा पर भी इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया है। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि कब्रिस्तान की जमीन खाली कराना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह उनके धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला है। यदि यह भूमि नहीं मिलती है, तो उन्हें अपने मृत परिजनों को दफनाने में समस्या होगी। इस मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता मोहम्मद इसरार उर्फ गुड्डू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उच्चतम न्यायालय तक जाने की बात कही है। इस दौरान मोहम्मद अल्ताफ, अंसार आलम, रिजवान, हमीद, शकील,हाफिज इमरान, सोनू और लतीफ दोस्त मोहम्मद,सहित कई अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
