सपा के रचनात्मक कार्यक्रमों से बिहार के युवाओं को जोड़ रहे अविरल
बिहार में इंडी गठबंधन को मजबूत करने के लिए अखिलेश यादव ने सौंपी अहम जिम्मेदारी
बाराबंकी। बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आ चुकी है। ऐसे में राजनीति भी दो ध्रुवीय हुई जा रही है। एक तरफ़ उन लोगों का गठबंधन है, जिसे अपनी सत्ता बरकरार रखनी है। तो दूसरी तरफ़ वह लोग हैं, जिन्हें इस सत्ता को उखाड़ फेंकना है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे बिहार सत्ता का अखाड़ा बनता चला जा रहा है। बिहार में विधानसभा चुनाव में जीत के लिए इस बार इंडी गठबंधन कमर कस चुकी है। तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस पार्टी का गठबंधन है। इसके लिए बाराबंकी के युवा नेता अविरल सिंह को सपा ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह बिहार में इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों के वोट मांगने निकल पड़े है। शनिवार को बिहार पहुंचे सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवानी अविरल सिंह ने की। जी हाँ! सही सुना, अविरल सिंह। अविरल सिंह बाराबंकी के निवासी हैं। उनके पिता अरविन्द कुमार सिंह गोप जिनका उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार है। वह ऐसे पॉलिटिशियन हैं, जिनकी क्षमताओं का पूरा सदुपयोग अभी पार्टी नही कर पा रही है। जहां जहां उन्हें ज़िम्मेदारी दी गई, सौ प्रतिशत दिया है, मगर उनका सही उपयोग राजनीति के जोड़ घटाव और दांव पेंच में अभी बाकी है। बहरहाल, अविरल सिंह काफी समय से जिले में सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है। उन्होंने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने काफी सक्रिय दिख रहे है। पिछले पांच वर्षों से वह समाजवादी पार्टी के रचनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते नज़र आ रहे हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा-2022 व लोकसभा-2024 के चुनावी अभियान और संगठनात्मक कार्यों का उन्हें खासा अनुभव है। उनकी प्रखर वाणी, सामाजिक समझ और युवा वर्ग से जुड़ने की क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने यह भरोसा जताया है कि वे बिहार में इंडी गठबंधन के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। बहरहाल, बिहार में अविरल सिंह की आमद के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री और सूबे कद्दावर राजपूत नेता अरविन्द कुमार सिंह गोप भी बिहार की ओर कूच करने का मन बना चुके है। सूत्रों की माने तो अविरल सिंह के बिहार पहुंचने के बाद उनके समर्थकों ने इस निर्णय को काफी सराहा है। यह पार्टी के रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो बिहार में युवाओं को जोड़ने और संगठनात्मक ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इंडी गठबंधन में शामिल कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ पी.एल पुनिया ने कहा कि अविरल सिंह की कार्यशैली और समर्पण से बिहार में इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों को निश्चित ही मजबूती मिलेगी। उनकी राजनीतिक प्रतिभा, सेवा, सादगी और क्षमता का फायदा इंडी गठबंधन को मिलेगा। वहीं पूर्व मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कहा कि अविरल कई दिनों से बिहार में पार्टी का काम कर रहे है। वह इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे है। वे संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करेंगे और युवाओं को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेंगे। हमें यक़ीन है कि बिहार में सारे रिकार्ड ध्वस्त होंगे। अबकी बार बिहार में इंडी गठबंधन की सरकार बनेगी। गौरतलब है कि अविरल सिंह के बिहार पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। उनके समर्थकों ने इसे युवा नेतृत्व के सशक्तिकरण की दिशा में कदम बताया।
