लोकतंत्र की जड़ों को पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी मज़बूत किया है: डॉक्टर अम्मार रिज़वी

लोकतंत्र की जड़ों को पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी मज़बूत किया है: डॉक्टर अम्मार रिज़वी

उत्तर प्रदेश संसदीय संस्थान के तहत आयोजित बैठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति

लखनऊ / पूर्व विधान परिषद और पूर्व विधानसभा सदस्यों के संगठन उत्तर प्रदेश संसदीय संस्‍थान के तत्वावधान में आज विधान भवन के समिति कक्ष संख्या 44-खा में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मंत्री राज बहादुर ने की, जबकि बैठक का मार्गदर्शन संसदीय संस्थान के अध्यक्ष, पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अम्मार रिज़वी ने किया। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् से हुई। बड़ी संख्या में पूर्व विधायक एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य उपस्थित रहे।
डॉ. अम्मार रिज़वी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत बनाने में पूर्व जनप्रतिनिधियों का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, इसलिए उनके सम्मान, सुविधा और सहभागिता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अपनी सेवाओं से प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दी है, इसलिए उनके अनुभवों का लाभ सरकार को निरंतर लेना चाहिए।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने पूर्व विधायकों की पेंशन में आई कटौती को समाप्त करने, यात्रा भत्ता के रूप में दो लाख रुपये की सुविधा प्रदान करने और सरकारी योजनाओं तथा सलाहकार बैठकों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग रखी। यह भी कहा गया कि पूर्व विधायकों को टोल टैक्स से छूट दी जाए, मुख्यमंत्री से मासिक बैठक का समय तय किया जाए तथा स्वास्थ्य सुविधा के लिए कैशलेस कार्ड जारी किए जाएँ।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी बैठक में पहुँचे। उन्होंने सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक और व्यावहारिक निर्णय लेगी। उनकी उपस्थिति से बैठक का माहौल और अधिक रचनात्मक एवं संवादपूर्ण बना।
सभी पूर्व विधायकों ने क्रमवार अपनी राय प्रस्तुत की और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि संस्थान की गतिविधियों और इसके दायरे को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वित नीति तैयार की जानी चाहिए।
बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि लखनऊ में संस्थान का एक स्थायी कार्यालय स्थापित किया जाए, जहाँ अन्य ज़िलों से आने वाले पूर्व विधायकों के ठहरने की समुचित व्यवस्था हो। इसी प्रकार दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों में केवल पूर्व विधायकों के लिए विशेष यूपी हाउस निर्मित किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। संस्थान के प्रभावी संचालन के लिए पाँच लाख रुपये के अनुदान की अनुशंसा की गई तथा मुख्यमंत्री कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव दिया गया, जो पूर्व विधायकों की समस्याओं और पत्राचार का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करे।
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री ज़फ़र अली नक़वी, डॉ. खान मोहम्मद आतिफ (मलिहाबाद), रामलाल, अमीताभ अनिल दूबे, रामलाल अकेला (रायबरेली), हरीश वाजपेयी (सीतापुर), भूदन नारायण मिश्रा (कानपुर), सुधीर राय (बलिया), सुरेन्द्र सिंह (गाज़ीपुर), आशा किशोर (रायबरेली), अरुण कुमारी कोरी (कानपुर), भरत त्रिपाठी (सीतापुर), शारदा चौहान (गाज़ीपुर), अम्बिका सिंह (बस्ती), डॉ. जियाराम, डॉ. जगदीश चन्द्र, रमेश भारती (हरगाँव), हरीशंकर (हाथरस), होशियार सिंह (बुलंदशहर), विजय कुमार (गाज़ीपुर), कुबेर भंडारी, रामाशंकर कुशवाहा तथा मणि शंकर पांडे सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में मणि शंकर पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन किया और बैठक का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।

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