जेबीएस इंस्टीट्यूट में मनाई गयी महाराणा प्रताप की जयंती



बनीकोडर बाराबंकी जेबीएस इंस्टीट्यूट बंदी का पुरवा में वीर शिरोमणि, मातृभूमि के महान रक्षक एवं अदम्य साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप सिंह की जयंती बड़े ही श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान की प्रबंधक महोदया पूनम सिंह (पूनम मैम), डिग्री कॉलेज की प्राचार्या अनपूर्णा जी, सीबीएससी प्रधानाचार्या रेनू सिंह जी, समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्थान की प्रबंधक महोदया द्वारा महाराणा प्रताप सिंह के त्याग, पराक्रम, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और वीरता के अमर प्रतीक थे।

प्रबंधक महोदया द्वारा कहा गया—

“जो अपनी मातृभूमि और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करता है, इतिहास उसी का गुणगान करता है। महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”

उन्होंने आगे कहा—

“साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम की ज्योति सदैव महाराणा प्रताप के नाम से प्रज्ज्वलित रहेगी।”

इस अवसर पर कुछ प्रेरणादायी पंक्तियाँ भी प्रस्तुत की गईं—

“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर,
चेतक बन गया निराला था।
राणा प्रताप के घोड़े से,
पड़ गया हवा को पाला था।”

“मातृभूमि की रक्षा में जिसने जीवन अर्पण कर दिया,
ऐसे वीर महाराणा प्रताप को शत-शत नमन किया।”

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं क्षेत्रवासियों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने एवं राष्ट्रहित में सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।

अंत में सभी ने महाराणा प्रताप सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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