फतेहचंद्र जगदीश राय इंटर कालेज सफदरगंज मे 13 वर्षों से खाना बनाने वाली रसोईया को हटाया

मसौली बाराबंकी। फतेहचंद्र जगदीश राय इंटर कालेज सफदरगंज मे विगत 13 वर्षो से एमडीएम का खाना बनाने वाली रसोइयो से मानदेय बढ़ाने की बात कहकर प्रधानाचार्य द्वारा अंगूठा लगवाने के बाद अपने चहेतो को रखने के उद्देध्य से रसोइया पद से हटा दिया जिसके चलते विगत 10 दिनों से कॉलेज की रसोई बुझी पड़ी हुई है और करीब 6 सैकड़ा छात्र छात्राए कॉलेज से भूखे वापस जा रहे है।
बताते चले कि ग्राम पंचायत सफदरगंज स्थित फतेहचंद्र जगदीशराय इंटर कॉलेज मे विगत 13 वर्षो से रामू चौहान, अनीता अवस्थी, अनीता यादव व निर्मला यादव जूनियर वर्ग के छात्र छात्राओं का एमडीएम का खाना बनाने का कार्य करती है करीब दस दिन पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य कैलाश नरायण रसोइयो से कहा कि आप लोगो का मानदेय बढ़ना है इसलिए कागज पर अंगूठा लगा दो निरक्षर रसोइयो ने प्रधानाचार्य की बातो पर विश्वास करते हुए कागज पर अंगूठा लगा दिया इसके बाद प्रधानाचार्य ने कहा कि आप लोगो को रसोइया पद से हटा दिया गया है अब खाना बनाने नही आना और एमडीएम के किचन से भगा दिया पीड़ित रसोइया जब भी कालेज जाती है तब प्रधानाचार्य रसोइयो से दुर्व्यवहार करते हुए खाना नही बनाने देते है जिससे गत 20 अगस्त से कॉलेज मे खाना नही बन रहा है और कालेज मे पढ़ने आने वाले 685 बच्चे प्रतिदिन भूखे वापस लौट रहे है। पीड़ित रसोइयो ने मुख्यमंत्री सहित जिला प्रसाशन से प्रधानाचार्य द्वारा धोखे से अंगूठा लगवाकर पद से हटाये जाने की शिकायत की है। वही कार्यवाहक प्रधानाचार्य कैलाश नरायण का कहना है कि रसोइयो ने सामूहिक रूप से त्याग पत्र दिया है।

( गैस के बजाय लकड़ी पर बनवाया जा भोजन)
शासन प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी कार्यवाहक प्रधानाचार्य कैलाश नरायण गैस सिलिंडर का पैसा हड़पने के उद्देश्य से रसोइयो से लकड़ी पर खाना बनवाया जा रहा है स्कूल मे 685 छात्र छात्राओं के लिए मात्र चार रसोइये ही खाना बना रहे है जबकि मानक के अनुसार 6 रसोइया होने चाहिए। बरसात मे लकड़ी गीली होने पर इससे निकल रहे धुएं के बीच बच्चे पढ़ाई कर करने को मजबूर है जिसकी शिकायत कई बार अभिभावकों ने की लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा। भोजन बनने के दौरान स्कूल में धुआं फैलने से पठन पाठन पर असर पड़ रहा है। यही नहीं धुआं में ही काफी देर तक रहने से बच्चे बीमार भी हो रहे। पीड़ित रसोइयो ने बताया कि कालेज मे किचन न होने के कारण हमेशा खुले आसमान में खाना बनवाया जा रहा है।

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