अखंड दीप ज्योति कलश यात्रा का रामसनेहीघाट में भव्य स्वागत,
शताब्दी समारोह को लेकर जन-जागरण तेज
बाराबंकी।गायत्री परिवार के संस्थापक युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बसंत पंचमी 1926 को प्रज्ज्वलित अखंड दीप तथा माता भगवती देवी शर्मा के जन्म के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी नवंबर 2026 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले शताब्दी समारोह के जन-जागरण के उद्देश्य से शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा भेजी गई अखंड दीप ज्योति कलश यात्रा रामसनेहीघाट पहुंची। यहां गायत्री शक्तिपीठ पर यात्रा का श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर गायत्री परिजनों एवं महिलाओं द्वारा आरती-पूजन किया गया, साथ ही दीप यज्ञ का भी आयोजन हुआ। दीप यज्ञ के दौरान शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली ने कहा कि अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन के सौ वर्ष एवं माता जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हरिद्वार में अत्यंत भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गायत्री परिजनों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
टोली ने आह्वान किया कि प्रत्येक गायत्री परिजन को तन, मन और धन से इस महाआयोजन में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए तथा शताब्दी समारोह में पहुंचकर आध्यात्मिक ऊर्जा का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने साधना को जीवन का उद्देश्य बनाया और अपने शिष्यों से भी यही अपेक्षा की। ऐसे में गुरुदेव के आदेश को सर्वोपरि मानते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इससे पूर्व ज्योति कलश यात्रा का स्वागत कोटवाधाम, टिकैत नगर, बारिन बाग, रानी मऊ, दरियाबाद एवं भिटरिया चौराहे स्थित हनुमान मंदिर पर भी किया गया, जहां महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर पूजन-अर्चन किया। शुक्रवार को यात्रा पुनः अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई। देवीगंज, सिद्धार कोठी, सेमरावा एवं मझिगवां में भी कलश यात्रा का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया।
पूरी यात्रा के दौरान पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बड़ी संख्या में गायत्री परिजन मौजूद रहे। यह यात्रा क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और संस्कार जागरण का संदेश फैलाती नजर आई।
